एक दिन तन्वी अपनी बेस्ट फ्रेंड रिया से बोली –
"री, मैं स्टेज पर लाइफस्टाइल शो करना चाहती हूँ। पर कैसे?"
रिया ने कहा – "क्यों न हम एक छोटा नाटक करें? जिसमें दिखे – एक आम स्कूली लड़की कैसे बनती है कॉन्फिडेंट क्वीन?" एक कप चाय या कॉफी लीजिए
तन्वी को ये आइडिया पसंद आया। दोनों ने मिलकर लिखा – "स्कूली लड़की का स्टाइलिश सफर"। उन्होंने सस्ते कपड़ों में भी ऐक्सेसरीज़, पोस्चर और बात करने का तरीका दिखाया। सबको हैरानी हुई कि बिना महंगे ब्रांड के भी कैसे लाइफस्टाइल को कूल बनाया जा सकता है।
प्रैक्टिस के दौरान तन्वी की हिचकिचाहट दूर हुई। उसने सीखा – वह है जो तुम करते हो।"
फाइनल दिन: स्कूल ऑडिटोरियम। तन्वी ने वही साधारण स्कूल ड्रेस पहनी, पर उसकी बॉडी लैंग्वेज और कॉन्फिडेंस ने सबका ध्यान खींचा। उसने न सिर्फ लाइफस्टाइल टिप्स दिए, बल्कि एक छोटा म्यूजिकल शो भी किया। पूरा स्कूल तालियाँ बजा उठा।
शाम 4 बजे जब स्कूल खत्म होता है, रिद्धिमा का "मी टाइम" शुरू होता है। लेकिन वह ऑथेंटिक है।
स्कूल में रिद्धिमा हर किसी से लोकप्रिय नहीं है, लेकिन वह ऑथेंटिक है।
रिद्धिमा की डायरी में लिखा है:
"पढ़ाई करो, लेकिन इंसानियत को मत भूलो। जीवनशैली वह नहीं जो तुम पहनते हो, वह है जो तुम करते हो।"
नमस्ते दोस्तों! आज मैं आपको एक स्कूली लड़की, कविता, के जीवन के एक विशेष सप्ताह की कहानी सुनाने जा रही हूँ। यह कहानी सिर्फ पढ़ाई-लिखाई की नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल, मनोरंजन, छोटी-छोटी खुशियों और उन सबक की है, जो हमें किताबों के बाहर भी मिलते हैं। तो बैठ जाइए, एक कप चाय या कॉफी लीजिए, और पढ़िए ये दिलचस्प कहानी।